Central Bank of India को बड़ा झटका, मिला ₹296 करोड़ का टैक्स नोटिस
Central Bank of India Tax Demand
नई दिल्ली: Central Bank of India Tax Demand: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने मंगलवार, 31 मार्च 2026 को शेयर बाजार को सूचित किया कि उसे आयकर विभाग से एक बड़ा कर मांग नोटिस प्राप्त हुआ है. विभाग ने बैंक से कर देनदारी के रूप में 296.08 करोड़ रुपये के भुगतान की मांग की है. यह नोटिस मुख्य रूप से आकलन वर्ष 2024-25 के दौरान कर के कथित कम भुगतान और आय के पुन: निर्धारण से संबंधित है.
नोटिस का मुख्य कारण
आयकर विभाग की आकलन इकाई द्वारा 28 मार्च 2026 को जारी किए गए इस आदेश में कहा गया है कि बैंक ने वित्त वर्ष 2023-24 (आकलन वर्ष 2024-25) के लिए अपनी आय की गणना में कुछ विसंगतियां छोड़ी हैं. विभाग ने बैंक द्वारा दावा किए गए कुछ खर्चों और कटौतियों को अमान्य कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप यह अतिरिक्त कर मांग उत्पन्न हुई है. बैंक ने इस आदेश को 30 मार्च को आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया.
बैंक का पक्ष और कानूनी रुख
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि विभाग द्वारा लगाए गए कर के दावे तथ्यात्मक और कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण हैं. बैंक का मानना है कि जिन खर्चों को विभाग ने अमान्य किया है, उनके लिए बैंक के पास ठोस दस्तावेजी साक्ष्य और पिछले अदालती फैसलों की मिसालें मौजूद हैं.
बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, "हम निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित कानूनी मंच, जैसे आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT), के समक्ष इस आदेश को चुनौती देने की प्रक्रिया में हैं. हमें पूरा विश्वास है कि उच्च अधिकारियों के पास अपील करने पर हमें राहत मिलेगी और यह पूरी कर मांग समाप्त कर दी जाएगी."
वित्तीय स्थिति और निवेशकों पर प्रभाव
निवेशकों और ग्राहकों की चिंताओं को दूर करते हुए, बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इस नोटिस का बैंक के दैनिक परिचालन, वित्तीय स्थिरता या भविष्य की योजनाओं पर कोई महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. बैंक ने संकेत दिया है कि उसके पास इस तरह की आकस्मिकताओं से निपटने के लिए पर्याप्त प्रावधान हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग क्षेत्र में इस तरह के कर विवाद आम हैं, जहाँ अक्सर तकनीकी व्याख्याओं को लेकर बैंकों और आयकर विभाग के बीच मतभेद पैदा हो जाते हैं. फिलहाल, बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि बैंक की अपील पर अपीलीय अधिकरण का क्या रुख रहता है.